राजस्थान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल खत्म 10 सूत्रीय मांगों पर बनी सहमति जानिए क्या है मामला

 

राजस्थान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल खत्म  10 सूत्रीय मांगों पर बनी सहमति  जानिए क्या है  मामला   



AI Generated image 


राजस्थान की लगभग 1.25 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की लंबे समय से चल रही हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच हुई कई दौर की वार्ता के बाद 10 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनने का दावा किया गया है  इसके बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपना आंदोलन वापस लेने का फैसला किया और राज्यभर में आंगनवाड़ी केंद्रों पर काम फिर से शुरू होने लगा 

यह हड़ताल केवल कर्मचारियों के मानदेय का मामला नहीं थी बल्कि सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों  समय पर भुगतान  सामाजिक सुरक्षा और कार्यभार कम करने जैसी कई महत्वपूर्ण मांगों से जुड़ी थी  इससे लाखों बच्चों  गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को मिलने वाली सेवाएं भी प्रभावित हुईं  

क्यों शुरू हुई थी हड़ताल

राजस्थान की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं लंबे समय से अपने मानदेय में वृद्धि  बकाया भुगतान  नियमितीकरण तथा अन्य सेवा संबंधी मांगों को लेकर सरकार से लगातार मांग कर रही थीं। जब उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो जुलाई 2026 से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया गया 

शुरुआत में कार्यकर्ताओं ने ऑनलाइन और ऑफलाइन सरकारी कार्यों का बहिष्कार किया। बाद में कई स्थानों पर आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद कर पूर्ण हड़ताल शुरू कर दी गई, जिससे बच्चों के पोषण  प्री स्कूल शिक्षा तथा महिलाओं से जुड़ी कई सेवाएं प्रभावित हुईं।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांगें क्या थी 

हड़ताल के दौरान कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में शामिल थीं

  • मानदेय में बढ़ोतरी 
  • समय पर मानदेय का भुगतान 
  • लंबित भुगतान जारी करना 
  • आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का नियमितीकरण 
  • पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा 
  • अतिरिक्त कार्यभार कम करना 
  • यात्रा एवं अन्य भत्तों की व्यवस्था 
  • सेवानिवृत्ति लाभ 
  • विभागीय सुविधाओं में सुधार 
  • कार्यकर्ताओं के सम्मान और सुरक्षा की व्यवस्था

इन मांगों को लेकर विभिन्न जिलों में धरना प्रदर्शन और रैलियां आयोजित की गईं 

सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच वार्ता

लगातार आंदोलन के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग तथा कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। वार्ता में दोनों पक्षों ने अपनी अपनी बातें रखीं।

कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार लिखित आश्वासन देगी और मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई करेगी तो आंदोलन समाप्त किया जा सकता है।

बातचीत के बाद कई बिंदुओं पर सहमति बनने की जानकारी सामने आई  जिसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की  हालांकि जिन मांगों पर अंतिम निर्णय शेष है उन पर आगे भी चर्चा जारी रहने की बात कही गई।

 अब 10 सूत्रीय मांगों पर बनी सहमति

मीडिया रिपोर्टों और कर्मचारी संगठनों के बयानों के अनुसार निम्न विषयों पर सहमति या कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है 

  1. लंबित मानदेय का भुगतान प्राथमिकता से किया जाएगा
  2. मानदेय भुगतान समय पर सुनिश्चित करने की व्यवस्था मजबूत होगी
  3. कार्यकर्ताओं की लंबित समस्याओं की समीक्षा की जाएगी
  4. अतिरिक्त विभागीय कार्यों पर पुनर्विचार होगा
  5. सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए समिति बनाई जाएगी
  6. भविष्य में नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी
  7. सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विचार होगा
  8. विभागीय सुविधाओं में सुधार किया जाएगा
  9. लंबित प्रस्तावों को राज्य सरकार के समक्ष रखा जाएगा
  10. कर्मचारी संगठनों के साथ निरंतर संवाद जारी रहेगा 

ध्यान दें  उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार सभी मांगों पर अंतिम सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ है  कुछ बिंदुओं पर सरकार ने सहमति या विचार करने का आश्वासन दिया है  जबकि कुछ विषयों पर आगे निर्णय होना बाकी है  इसलिए आधिकारिक आदेश जारी होने तक किसी भी मांग को पूर्ण रूप से लागू मानना उचित नहीं होगा।

 अब हड़ताल समाप्त होने से क्या होगा

हड़ताल समाप्त होने के बाद पूरे राज्य में आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन सामान्य होने लगा है

इससे

  • बच्चों को पूरक पोषण फिर से मिलेगा
  • प्री स्कूल शिक्षा गतिविधियां शुरू होंगी
  • गर्भवती महिलाओं को नियमित सेवाएं मिलेंगी                                  •टीकाकरण और स्वास्थ्य कार्यक्रमों को गति मिलेगी
  • पोषण अभियान से जुड़े कार्य सामान्य होंगे

राजस्थान में लाखों लाभार्थी आंगनवाड़ी सेवाओं पर निर्भर हैं, इसलिए आंदोलन समाप्त होने से आम जनता को भी राहत मिलेगी।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता केवल बच्चों को पोषण उपलब्ध कराने का काम नहीं करतीं बल्कि वे अनेक सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

इनकी प्रमुख जिम्मेदारियां हैं

  • बच्चों का पोषण।
  • गर्भवती महिलाओं की देखभाल।
  • धात्री माताओं को सलाह।
  • टीकाकरण अभियान में सहयोग।
  • प्री-स्कूल शिक्षा।
  • कुपोषण की निगरानी।
  • सरकारी सर्वेक्षण।
  • डिजिटल डेटा अपलोड करना।
  • विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार।

यही कारण है कि उनकी मांगों को केवल वेतन का मुद्दा नहीं बल्कि सार्वजनिक सेवा से जुड़ा विषय भी माना जाता है।

अब आगे क्या होगा

अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि सरकार सहमति के बिंदुओं को कितनी जल्दी लागू करती है। यदि समयबद्ध कार्रवाई होती है तो भविष्य में इस प्रकार के आंदोलन की संभावना कम हो सकती है।

कर्मचारी संगठनों ने भी संकेत दिया है कि यदि आश्वासन पूरे नहीं हुए तो वे आगे फिर आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं। इसलिए आने वाले सप्ताहों में सरकार की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।

निष्कर्ष

राजस्थान की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल समाप्त होना राज्य सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच संवाद का सकारात्मक परिणाम माना जा सकता है। हालांकि कई महत्वपूर्ण मांगों पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है  लेकिन बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

अब आवश्यकता इस बात की है कि सरकार अपने आश्वासनों को समय पर लागू करे और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बेहतर कार्य वातावरण  समय पर मानदेय तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए। इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि बच्चों महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों तक पहुंचने वाली सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी

टिप्पणियाँ