मध्य प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को हाईकोर्ट से बड़ी राहत 4 साल का एरियर मिलेगा जानिए पूरा मामला

 

मध्य प्रदेश की  आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को हाईकोर्ट से बड़ी राहत  4 साल का एरियर मिलेगा  जानिए पूरा मामला

भोपाल  9 जुलाई 2026

मध्य प्रदेश की लगभग 1.80 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में राज्य सरकार की अपील को खारिज करते हुए आंगनवाड़ी कर्मचारियों के पक्ष में निर्णय दिया है। इस फैसले के बाद अब वर्ष 2019 से 2023 तक रोकी गई राशि का भुगतान करने का रास्ता साफ हो गया है 

समाचार के अनुसार   प्रत्येक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को लगभग 1.20 लाख रुपये तथा सहायिका को लगभग 63 हजार रुपये तक का एरियर मिलने की संभावना है। यह फैसला लंबे समय से चल रहे उस विवाद पर आया है  जिसमें केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाए गए मानदेय के बाद राज्य सरकार द्वारा अपने हिस्से का योगदान कम कर दिया गया था।

   क्या है पूरा मामला जानते है

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं देशभर में महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत कार्य करती हैं। इनका मुख्य कार्य गर्भवती महिलाओं  धात्री माताओं  छोटे बच्चों के पोषण  टीकाकरण  प्री-स्कूल शिक्षा तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाना होता है।

वर्ष 2018 में केंद्र सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की घोषणा की थी।

उस समय  आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय लगभग ₹3000 बढ़ाया गया।

  • सहायिकाओं के मानदेय में भी 1500 की वृद्धि की गई।

इसके बाद मध्य प्रदेश सरकार ने भी अपने स्तर पर आदेश जारी किए और कुछ समय तक बढ़ा हुआ मानदेय दिया गया।

लेकिन बाद में जब केंद्र सरकार ने अपने हिस्से में ₹1500 की अतिरिक्त वृद्धि की  तब राज्य सरकार ने अपने हिस्से का योगदान लगभग उतनी ही राशि कम कर दिया। परिणामस्वरूप कर्मचारियों को वास्तविक लाभ नहीं मिल पाया।

यहीं से विवाद शुरू हुआ।                                                                                                                      किसलिए  पहुंचा मामला हाईकोर्ट

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना था कि  केंद्र सरकार ने जो अतिरिक्त राशि दी थी उसका लाभ सीधे उन्हें मिलना चाहिए था।

लेकिन राज्य सरकार ने अपने हिस्से का योगदान कम करके उस लाभ को समाप्त कर दिया।

इस निर्णय के विरोध में विभिन्न कर्मचारी संगठनों और यूनियनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

याचिका में कहा गया कि

राज्य सरकार केंद्र द्वारा बढ़ाई गई राशि के नाम पर अपना अंश कम नहीं कर सकती।

यह कर्मचारियों के अधिकारों का उल्लंघन है।                                                                                   हाईकोर्ट ने क्या कहा?

समाचार के अनुसार हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार की रिट अपील खारिज कर दी।

कोर्ट ने माना कि

केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाए गए योगदान के बाद राज्य सरकार अपने हिस्से की राशि कम नहीं कर सकती थी।

इसी आधार पर कोर्ट ने कर्मचारियों के पक्ष में फैसला दिया।

इस निर्णय के बाद 2019 से 2023 तक की रोकी गई राशि के भुगतान का रास्ता साफ हो गया।        अब किसे कितना एरियर मिलेगा                                                                                                                                            समाचार में प्रकाशित जानकारी के अनुसार

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता

लगभग ₹1,20,000 तक

सहायिका

लगभग ₹63,000 तक

हालांकि वास्तविक राशि अलग-अलग कर्मचारियों के अनुसार कुछ कम या अधिक हो सकती है क्योंकि यह सेवा अवधि, नियुक्ति की स्थिति और अन्य प्रशासनिक गणनाओं पर निर्भर करेगी।

            कितने  कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

समाचार के अनुसार इस फैसले से लगभग

  • 1.80 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
  • आंगनवाड़ी सहायिकाएं

लाभान्वित होंगी

यह मध्य प्रदेश के सबसे बड़े कर्मचारी वर्गों में से एक है।

     अब भुगतान कब मिलेगा

यही सबसे बड़ा प्रश्न है।

फिलहाल हाईकोर्ट का फैसला कर्मचारियों के पक्ष में आ चुका है।

लेकिन भुगतान के लिए राज्य सरकार को                                                                                                                                                                   आदेश जारी करना होगा।

  • वित्त विभाग से स्वीकृति लेनी होगी।
  • महिला एवं बाल विकास विभाग को भुगतान संबंधी निर्देश जारी करने होंगे।
  • जिला स्तर पर राशि का वितरण करना होगा।

अर्थात कोर्ट का फैसला आने के बाद भी प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने में कुछ समय लग सकता है।

               क्या  सरकार  अब सुप्रीम कोर्ट जाएगी

फिलहाल उपलब्ध समाचार के अनुसार हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी है।

यदि राज्य सरकार चाहे तो वह सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर कर सकती है।

लेकिन जब तक ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आती  तब तक यह केवल संभावना मानी जाएगी।

         कर्मचारियों के लिए इस फैसले का  क्या महत्व है

यह फैसला केवल एरियर तक सीमित नहीं है।

इसके कई बड़े प्रभाव हैं                                                                                                                                                                      1. क्या  कर्मचारियों के अधिकार मजबूत हुए

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार द्वारा दी गई अतिरिक्त राशि का लाभ कर्मचारियों तक पहुंचना चाहिए                                                                                               2. भविष्य के मामलों पर असर

यदि भविष्य में भी किसी प्रकार का मानदेय विवाद होता है, तो यह फैसला महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।                                                                                                  3. आर्थिक राहत

चार वर्षों का एरियर एक साथ मिलने से हजारों परिवारों को बड़ी आर्थिक सहायता मिलेगा                                                                                                                4. मनोबल बढ़ेगा

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता वर्षों से कम मानदेय में कार्य कर रही हैं।

इस निर्णय से उनका मनोबल बढ़ेगा।

   आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की क्या  भूमिका

आंगनवाड़ी कर्मचारी ग्रामीण भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं।

वे

  • बच्चों का वजन मापती हैं।
  • कुपोषण की निगरानी करती हैं।
  • गर्भवती महिलाओं की देखभाल करती हैं।
  • टीकाकरण अभियान में सहयोग देती हैं।
  • पोषण आहार वितरण करती हैं।
  • प्री-स्कूल शिक्षा देती हैं।
  • सरकारी योजनाओं का प्रचार करती हैं।

कोविड महामारी के दौरान भी इन कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

      कर्मचारियों की लंबे समय से क्या  मांग है

आंगनवाड़ी संगठनों की प्रमुख मांगें रही हैं

  • नियमित कर्मचारी का दर्जा।
  • मानदेय में वृद्धि।
  • समय पर भुगतान।
  • सामाजिक सुरक्षा।
  • पेंशन सुविधा।
  • चिकित्सा सुविधा।
  • सेवा नियमों में सुधार।

यह फैसला इन मांगों को नई मजबूती देता है।

    अब  सरकार की आगे की जिम्मेदारी

अब राज्य सरकार के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी                                                                                                                                           शीघ्र भुगतान आदेश जारी करना।

  • बजट उपलब्ध कराना।
  • सभी जिलों में समय पर राशि भेजना।
  • भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना।

यदि भुगतान में अनावश्यक देरी होती है तो कर्मचारी संगठन फिर कानूनी विकल्प अपना सकते हैं।

   कर्मचारियों को  अब क्या करना चाहिए                                                                                                                                                      यदि आप आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या सहायिका हैं तो

  • अपने परियोजना कार्यालय से जानकारी लेते रहें।
  • महिला एवं बाल विकास विभाग के आदेशों पर नजर रखें।
  • किसी अफवाह पर विश्वास न करें।
  • केवल आधिकारिक आदेश आने के बाद ही भुगतान की तारीख मानें।
  • बैंक खाते और सेवा रिकॉर्ड अद्यतन रखें।

     सोशल मीडिया पर वायरल दावों से सावधान  रहे  

फैसले के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के संदेश वायरल हो रहे हैं जिनमें भुगतान की निश्चित तारीख या सभी को समान राशि मिलने का दावा किया जा रहा है।

ऐसे दावों पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक आदेश जरूर देखें। वास्तविक भुगतान कर्मचारी की पात्रता और सेवा विवरण के अनुसार तय होगा।

     निष्कर्ष

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का यह फैसला राज्य की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी जीत माना जा रहा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाए गए अंशदान के बाद राज्य सरकार अपने हिस्से का योगदान कम नहीं कर सकती। इस निर्णय से वर्ष 2019 से 2023 तक के बकाया मानदेय (एरियर) के भुगतान का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

हालांकि, ₹1.20 लाख और ₹63 हजार जैसी राशि समाचारों में अनुमानित औसत एरियर के रूप में बताई जा रही है। वास्तविक भुगतान सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश, पात्रता और सेवा अवधि के अनुसार ही होगा। इसलिए अंतिम और प्रमाणिक जानकारी के लिए मध्य प्रदेश महिला एवं बाल विकास विभाग तथा राज्य सरकार की अधिसूचना का इंतजार करना आवश्यक है।

यह निर्णय न केवल आर्थिक राहत प्रदान करेगा  बल्कि आंगनवाड़ी कर्मचारियों के अधिकारों और सम्मान को भी मजबूत करेगा। यदि सरकार शीघ्र भुगतान संबंधी आदेश जारी करती है, तो प्रदेश की लगभग 1.80 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को लंबे समय से लंबित राशि मिलने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।

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